Monday, 26/07/2021
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बुद्ध ग्रह को शांत करने के उपाय

बुद्ध ग्रह को शांत करने के उपाय

बुध ग्रह को खुश करने के उपाय

बुध, मनुष्य के जीवन में मुख्य रूप से उन्नति और चेतना शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। ये ग्रह मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है। यह ग्रह कन्या राशि के 15 अंश पर परमोच्च तथा मीन रही पर परमनीच होता है। बुध, सूर्य, शुक्र व् शनि के साथ मित्रभाव तथा मंगल, गुरु गृह के साथ शत्रुभाव रखता है। जन्म में बुध के शुभ-अशुभ का निर्णय कुंडली में मौजूद उसकी स्थिति के अनुसार करना चाहिए।
कुंडली में बुध की शुभ स्थिति और प्रभाव

लग्न से 1, 2, 4, 5, 9, 10, या 11वें भाव में बुध हमेशा शुभ फल प्रदान करता है। कुंडली में चतुर्थ भाव का कारक भी बुध ही माना जाता है। अगर कुंडली में बुध केंद्र-त्रिकोण भावों का स्वामी होकर इन स्थानों में पड़ा हो तो जातक को धन लाभ, उच्च विद्या, बौद्धिक कार्यों में सफलत और भाग्य की उन्नति होती है। बुध ग्रह वाणी, बुद्धि कौशल, व्यापार, मैत्री आदि का भी कारक होता है। इस ग्रह के अधि-देव भगवान विष्णु हैं।

कुंडली में बुध की अशुभ स्थिति और प्रभाव

अगर बुध कुंडली में त्रिषडाय पति यानी 3, 6, 8, या 12वें भाव का स्वामी होकर किसी भाव में पड़ा हो तो उस भाव के सुख में कमी करता है और अशुभ फल प्रदान करता है। उस स्थिति में कार्य-व्यवसाय में अत्यधिक संघर्ष, धन हानि, तनाव, अपव्यय, शारीरिक कष्ट, शत्रुओं का भय, प्रियजनों से वियोग, उच्च विद्या में विघ्न आदि अशुभ फल होते हैं। बुध छठें भाव के स्वामी के साथ यदि अशुभ भावों में पड़ा हो तो जातक को उदर रोग, त्वचा रोग, वाणी में हकलाहट, वायु विकार, मस्तिष्क विकार, मन्दाग्नि, स्नायु विकार, मानसिक असंतुलन आदि विकार हो सकते हैं। दाहोद लाइव

बुध शांति के लिए बुधवार का व्रत

बुधवार के व्रत से बुध ग्रह की शांति तथा धन, बुद्धि, व्यापार में वृद्धि, मानसिक व् शारीरिक स्वास्थ्य में लाभ होता है। इस व्रत को 21 बुधवार तक किया जाना आवश्यक है। व्रत का प्रारंभ किसी भी शुक्ल पक्ष के पहले बुधवार से व्रत आरंभ करना है। बुधवार के दिन यदि अश्लेषा, ज्येष्ठा या रेवती नक्षत्र हो तो और भी अच्छा है।

यहाँ कुछ उपाय बता रहे हैं, जिनकी मदद से बुध शांति की जा सकती है और बुध ग्रह के अशुभ प्रभावों से बचा जा सकता है।

उपाय : 1

ब्रह्मी बूटी या तुलसी की जड़ हरे रंग के वस्त्र में रखकर हरे वर्ण की डोरी में बुधवार एवं बुध के नक्षत्रों (अश्लेषा, ज्येष्ठा व् रेवती) में मंत्रपूर्वक – “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” कम से कम 3 माला जप करके गंगाजल के छींटे लगा कर धारण करें। इसके बाद पुरुष दाहिनी और स्त्री बाईं भुजा में गए बांध लें। बुध ग्रह की शांति होगी।

उपाय : 2

किसी भी शुक्ल पक्ष के बुधवार से शुरू करके लगातार 21 दिन तक श्री विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ नियमित रूप से करें। इसके अलावा 21 बुधवार को भी ऐसा करें। उद्यापन के दिन पांच कन्याओं को हरे रंग की चुन्नियां एवं 5 फल मिष्ठान दक्षिणा सहित दान करें।
उपाय : 3

विद्या में बाधा या वाणी में दोष हो तो बुधवार से शुरू करके 21 बुधवार तक श्रीसरस्वती चालीसा एवं सरस्वती स्तोत्र सहित पाठ भोग लगाकर तथा इलायची, मिश्री, केले आदि ह्री वस्तुओं का प्रसाद बांटना चाहिए। शाम को तुलसी के आगे दीप अवश्य प्रज्वलित करें।

उपाय : 4

व्यापार में हानि तथा संतान कष्ट होने पर हर बुधवार को श्री गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ करें। 21 बुधवार पाठ करके अंतिम बुधवार को 5 कन्याओं को हलवा के साथ भोजन कराएं।

उपाय : 5

गृह कलेश की शांति और वैवाहिक सुख के लिए प्रथम नवरात्रि को श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ प्रतिदिन करें। लगातार 31 दिन करके कन्या पूजन भी करें।

उपाय : 6

बेहतर स्वास्थ्य के लिए हरे रंग की बोतल में पानी भर कर सूर्य की किरणों में रखकर उस पानी का सेवन प्रतिदिन करें।

उपाय : 7

किसी विशेष कार्य में बार-बार विघ्न या बाधाएं आएं तो बुधवार के दिन हरे रुमाल में 6 इलायची, 5 तुलसी के पत्ते, 1 सुपारी रखकर उस पर 5 बुधवार श्री विष्णु स्तोत्र का पाठ करके गुलाब के फूल से गंगाजल की छींटे दें। रुमाल को गांठ बांधकर घर में पवित्र स्थान पर रखें। अंतिम बुधवार को रुमाल अपनी पॉकेट में रखकर भगवान के मंदिर में लड्डू एवं फलों का प्रसाद चढ़ाएं। सभी अड़चने दूर होंगी।

उपाय : 8

प्रत्येक बुधवार को गौशाला में गौओं को मीठी चपातियां और हारा चारा खिलाना शुभ होगा। शाम को तुलसी के आगे दीपक अवश्य जलाएं।

उपाय : 9

विवाह में विलंब और वैवाहिक सुख में देरी हो रही हो तो बुधवार को मूंगी साबुत, मीठा पेठा, नारियल (हरा) दक्षिणा के साथ किसी धार्मिक स्थान पर चढ़ा देवें।

उपाय : 10

अगर कुंडली में बुध अशुभ स्थिति में हो तो बुधवार के दिन धर्मस्थान या स्कूल आदि में फलदार एवं छायादार वृक्ष लगाना शुभ होता है। इसके अलावा पार्क आदि में हरियाली वाले पौधों को जल देने एवं टहलने से भी अशुभ बुध की शांति होती है।

उपाय : 11

मीट, शराब, तंबाकू, आदि नशीली वस्तुओं से परहेज रखने से बुध शांति होती है।

उपाय : 12

घर में तुलसी का पौधा बुधवार को गमले में लगाकर सामान्य स्थान से ऊँचा रखें। सायंकाल में तुलसी के पौधे पर दीपक जलाएं और श्री तुलसी स्तोत्र का पाठ करें।

उपाय : 13

बुध के अशुभ फल के निवारण के लिए श्री गणेश चतुर्थी के दिन व्रत रखकर उस दिन ॐ गं गणपतये नमः बीजमंत्र का यथाशक्ति पाठ केके लड्डुओं का भोग लगाना चाहिए।

पंडित : बाबजी के. कुमार, आदित्य एस्ट्रोलॉजी, दाहोद

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Editor Dahod Live

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